‘ब्यावर’ इतिहास के झरोखे से....... 
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✍वासुदेव मंगल की कलम से.......  

छायाकार - प्रवीण मंगल (फोटो जर्नलिस्‍ट)
मंगल फोटो स्टुडियो, ब्यावर
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2025 में अद्भुत तीन खगोलीय घटना सितम्बर महिने में
लेखक - वासुदेव मंगल, ब्यावर
122 साल बाद में 7 सितम्बर को चन्द्र ग्रहण..... 21 सितम्बर को सूर्यग्रहण और 22 सितम्बर को दिन और रात बराबर बारह घण्टे के।
ऐसा अद्भुत नजारा आपको हम सबको देखने को मिला 122 साल के अन्तराल के बाद। तो है न अद्भुत घटनाऐं खगोलीय। सोलह दिन में पन्द्रह दिन के अन्तराल में देखने को मिला 7 सितम्बर 2025 को पहीली खगोलीय घटना चन्द्रग्रहण। दूसरी खगोलीय घटना 21 सितम्बर से 22 सितम्बर की रात को चार घण्टे कुछ मिनट तक की सूर्यग्रहण की अद्भुत घटना और तीसरी खगोलिय घटना प्रातकाल 22 सितम्बर 2025 को 6 बजते बजते सूर्योदय भूमध्य रेखा पर पूर्वी दिशा में सीधा चमकता हुआ बारह घण्टे बाद पश्चिम क्षितिज पर ठीक सांयकाल 6 बजे चला जाता है। इस प्रकार 22 सितम्बर 2025 का दिन और रात ठीक बारह-बारह घण्टे बराबर होते है। तो है-ना-अद्भुत खगोलीय घटनाए एक साथ पन्द्रह दिन के अन्तराल में तीन-तीन खगोलीय घटनाए।
आप और हम काल चक्र में कितने भाग्यशाली है जो पितृपक्ष में एक सो बाईस साल बाद ऐसे अद्भुत नजारे प्रकृति (कुदरत) के देखने को मिले।
आप दखिये 7 सितम्बर 2025 को और 21 सितम्बर सन् 2025 को सूर्य, चन्द्रमा और पृथ्वी तीनों एक सीध में आ जाने कारण ये ग्रहण हुए।
पहलाः- चन्द्रग्रहण 7 सितम्बर 2025 को सूर्य और चन्द्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है अपने अपने अक्ष में घूर्नन करते हुए। अतः सूर्य को ढक देती है पृथ्वी। जिससे पृथ्वी तक चन्द्रमा का प्रकाश नहीं पहुंच पाता हैं क्योंकि चन्द्रमा पर पड़ती है पृथ्वी का छाया जिससे पृथ्वी तक चन्द्रमा का प्रकाश नहीं पहुंच पाता ।
दूसराः- सूर्यग्रहण 21 सितम्बर 2025 को हुआ। इस स्थिति में सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है चन्द्रमा। सूर्य को ढक देता है चन्द्रमा। पृथ्वी तक सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है। पृथ्वी पर पड़ती है चन्द्रमा की छाया।
तीसराः- 22 सितम्बर 2025 को दिन रात बराबर होना - 22 सितम्बर 2025 को प्रातःकाल सूर्य की किरणे, पूर्वी क्षितिज पर पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमती हुई ठीक 6 बजे भूमध्य रेखा पर सीधी पड़ती है। ठीक इसके विपरित उसी दिन सांयकाल ठीक 6 बजे पश्चिमी क्षितिज पर सीधी पड़ती है जिससे दिन और रात बारह-बारह घण्टे के बराबर-बराबर होते है। 22 सितम्बर से 23 सितम्बर प्रातः 6 बजे तक। तो ह न अद्भुत नजारा प्रकृति (कुदरत) का तीन बार एक सौ बाईस साल बाद पितृ पक्ष में मात्र पद्रह दिन के अन्तराल में 7 सितम्बर 2025 की रात्री से 21 सितम्बर की भौर 6 बजे के मध्य तक।
तीनों ही जनरल नोलेज (सामान्य ज्ञान ) के प्रश्न है जो अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते है जिनकी जानकारी उपयोगी होती है।
21.09.2025
 
 

ब्यावर के गौरवमयी अतीत के पुर्नस्थापन हेतु कृत-संकल्प

इतिहासविज्ञ एवं लेखक : वासुदेव मंगल
CAIIB (1975) - Retd. Banker

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