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ब्यावर जिले का तीसरा स्थापना दिवस 7 अगस्त
2025 को
फ्रीलान्सरः वासुदेव मंगल, ब्यावर
7 अगस्त 2023 को बड़ी खुशी की बात है कि 67 साल बाद ब्यावर को जिले का हक,
राजस्थान की प्रदेश सरकार ने बहाल किया। यह राजनीति की एक विडम्बना ही कहीं
जायेगी कि एक अतीत के विकसित जिले को बिना किसी कारण के राजस्थान प्रदेश
में मिलाये जाने पर एक नवम्बर 1956 को स्थगित कर जबरिया अजमेर जिले का सब
डिवीजन बना दिया गया डिग्रेड करके।
इस जिले में मेरवाड़ा बफर स्टेट की सब सुविधाएँ पहले से ही सुलभ रही फिर भी
राजनैतिक द्वन्द के कारण इसका जिले का वाजिब हक छीना गया मात्र जयपुर को
राजधानी बरकरार रखने के लिए अजमेर को जिला घोषित किया गया।
यह तो कोई बात नहीं हुई कि ब्यावर तात्कालिक जिले का हक रखते हुए इसको
डिग्रेड किया गया।
आप देखिए देर से ही सही ब्यावर 7 अगस्त 2023 को जिला बना दिया गया है। इसकी
सीमाए वहीं है जो 1939 में थीं मेरवाड़ा बफर स्टेट के समय। ब्यावर जिले की
सीमा जोधपुर रूट पर पृथ्वीपुरा, अजमेर रूट पर खरवा, राजसमन्द रूट पर शेरों
का बाला, भीलवाड़ा रूट पर पराँ, भीम रूट पर कासिया, पाली रुटं पर पिपलिया और
नागौर रूट पर लाम्बिया। इस प्रकार ब्यावर में जिले में छः उपखण्ड क्रमशः
ब्यावर, टाटगढ़, मसूदा, बदनौर, रायपुर और जैतारण और सात तहसील क्रमशः ब्यावर,
टाटगढ़, मसूदा, विजयनगर, बदनौर, रायपुर और जैतारण के अतिरिक्त भीम जिले की
बार उप तहसील को सम्मिलित किया गया है जिसमे ब्यावर के साथ मजरा (मगरा)
मेवाड़ और मारवाड़ रिसासत के हिस्से आते है। यह जिला राजस्थान प्रदेश के
भोगौलिक दृष्टि से ठीक मध्य में स्थित है ब्यावर जिला।
ब्यावर जिले की विशेषताएँः-
पहलाः ब्यावर जिला भौगोलिक दृष्टि से अरावली पर्वत की श्रृँखला से घिरा हुआ
है। अतः वन सम्पदा भरपूर मात्रा मे उपलब्ध है।
दूसराः वन जंगल के कारण जड़ी-बूँटी और जंगली जानवर जैसेः - शेर, चीते, भालू,
नील गाय आदि आदि बहुत मात्रा में है जिससे पर्यटन की दृष्टि से सफारी
गार्डन की सुविधा। प्राकृतिक नैसर्गिक छठा के कारण आमोद-प्रमोद, सैर-सपाटे
की जगेह जैसे रणकपुर गौरम घाट, कामली घाट, दूधलेश्वर महादेव, माँगट देव व
आस की धूणी आदि आदि।
तीसराः इमारती लकडी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध।
चौथाः खनिज सम्पदा जैसे जिप्सम, फैल्सपार, अनेक रंगों का ग्रेनाईट प्रीसीयस
स्टोन।
पांचवाः रेल्वे और सड़क (रोड़) व्यापारिक यातायात मार्गों का केन्द्रिय (संगम)
स्थल।
अतएव इन्हीं सब कारणों से भारत की दोनों सरकारों अर्थात् केन्द्र और
राजस्थान प्रदेश को अकुत राजस्व प्राप्ति का श्रोत है ब्यावर जिला। अतः
ब्यावर जिले के विकास पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर राज्य और केन्द्र सरकार
इसके सघन और सम्पूर्ण विकास करने की कृपा करे।
आज ब्यावर जिले स्थापना दिवस पर उपलब्ध लेखक की सभी निवासियों को शुभकामनाएँ।
चंुकि ब्यावर की पृष्ट भूमि मगरा, मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र है। अतः यहां पर
शिक्षा और चिकित्सा का केन्द्र है। जिससे ब्यावर में मेडीकल कालेज एवं साथ
ही इंजिनियरिंग कालेज की सुविधा भी प्रदान करावें राजस्थान सरकार साथ ही
केन्द्र सरकार ब्यावर स्टेशन पर सभी यात्री गाड़ियों का ठहराव भी सुनिश्चित
करें क्योंकि उदयपुर, जोधपुर, पाली, राजसमन्द का पैसेन्जर लोड ब्यावर में
ही है। भीलवाड़ा भी इस भाग से ही लगता है ब्यावर मजरा सैनिकों के निवास का
विस्तृत क्षेत्र है। औद्योगिक और व्यापार के लिए भी पैसेन्जर लोड़ बहुतायत
से है जिससे सरकार को वर्ष पर्यन्त भरपूर राजस्व प्राप्ति का जरिया हो सकता
है। वाजिब जानकर लिखा है। अतः केन्द्र और राज्य की सरकार लिखे पर गौर फरमाये।
रा मटिरियल, पावर, स्किल्ड लेबर और मार्केट बैंकिंग सुविधाएँ यहां पर
उपलब्ध है। अतः सिमेण्ट, सिरेमिक यूटन्सिल्स व ग्रेनाइट हब ब्यावर के लिये
अनुकूल है। ट्रान्सपोर्ट सुविधा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। राज्य
सरकार ने सड़सठ साल तक ब्यावर के विकास को अवरुद्ध कर दिया। अभी तक तो
ब्यावर भारत देश का सर्वोत्तम विकसित जिला होता।
अभी भी सरकार सच्चे मन से विकास करने की सोच ले तो द्रुत गति से ब्यावर जिले
का विकास हो सकता है बशर्ते सभी प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध कराये तब ही यह
काम समभव है अन्यथा कदापि नहीं। ब्यावर तो अतीत मे 188 वर्ष पहले भारत की
ऊन और कपास के व्यापार की राष्ट्रीय मण्डी थीं और साथ ही क्लोथ उद्योग की
तीन मिलों के साथ राजपूताना का मेनचेस्टर कहलाता था। अतः ब्यावर मंे काम
करने की दशा और दिशा माकूल है आवश्यकता है मात्र इसे मोटीवेट करने की। यहाँ
पर माल और मजदूरी दोनो उपलब्ध है साथ ही मार्केट भी फिनिश्ड गुड्स का है।
अतः रोजगार और तरक्की के साधन प्राप्त है ब्यावर जिले में। फिर आप देखियेगा
ब्यावर की तरक्की को। शासन प्रशासन भी परिपक्व है। आवश्यकता है सरकार के
दिलचस्पी लेने की विकास करने की सरकार की ईच्छा शक्ति होने की। ब्यावर जिले
मे काम धन्धे की पोटेन्शएलिटी तो बहुत है परन्तु सरकार इनिशियेटिव जील की
जरूरत है। फिर आप दखियेगा ब्यावर जिले का विकास।
07.08.2025
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