ब्यावर,
भारत का 190 साल पुराना व्यापारिक नगर एवं मेरवाड़ा बफर स्टेट का मुख्यालय
और अब 7 अगस्त 2023 से राजस्थान का जिला
वासुदेव मंगल: स्वतन्त्र लेखक
प्रस्तावनाः
ब्यावर शहर को बसाने वाले एक अंग्रेज-शिल्पकार थे, जिन्होंने अपने शिल्पी
हुनर से नया नगर बसाकर ऊन, कपास के व्यापार को एक सो नब्बे साल पहले
व्यापारिक-भारत देश एवं राजपूताना प्रदेश का केन्द्र बनाया। भारत देश में
यह अदाकारी सर्व धर्म सम्भाव के प्रणेता कर्नल चार्ल्स जॉर्ज डिक्सन बंगाल
आर्टलरी रेजिमेण्ट के सैन्य अधिकारी ने 1 फरवरी 1836ई. में की।
व्यापार का प्रमुख केन्द्रः आप देखिये जब भारत में कलकत्ता, दिल्ली, मद्रास
और राजपूताना में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, पाली, किशनगढ़, तक
मेें व्यापार का कोई विकास नहीं था। उस समय में ब्यावर शहर अतीत का गौरव
हासिल किए हुए था जहाँ ऊन, रूई, अनाज और वायदा व्यापार प्रगति के चरम शिखर
पर था। ब्यावर के 6 व्यापारिक मार्ग है। दो राष्ट्रिय स्तर के, दो राज्य
स्तर के और दो जिला स्तर के। ब्यावर के चार प्रमुख बाजार है। ब्यावर के तीन
प्रमुख मौहल्ले हैं। ब्यावर के चार प्रमुख दरवाजे है। ब्यावर शहर की क्रोस
की आकृति की रक्षण दीवार से सुरक्षा की गई थी जिसे अब नेशनाबूद कर दिया गया
है करीब करीब।
ब्यावर शहर के विकास का पैमानाः
पहलाः चूँकि ब्यावर सिटी में पचास ग्राम पंचायतों को मिलाया गया है जो करीब
25 किलोमीटर की परिधि में बसे हुए हैं अतः अब ब्यावर शहर की परिधि 60 (साठ)
वार्डो की हो गई है। ऐसी स्थिति में अब ब्यावर नगर की परिषद को क्रमोन्नत
कर ‘‘नगर निगम’’ बना दिया जाना चाहिए क्योंकि निगम के सभी मानदण्ड पूरे है।
दूसरा: ब्यावर का विस्तार पच्चीस किलोमीटर की रेडीयस में कर दिया गया है।
अतएव शहर के चहुँमुखी विस्तार के विकास हेतु ‘‘विकास प्राधिकरण’’ का होना
अब ब्यावर के लिए निहायत आवश्यक हो गया है। अब शीघ्रताशीघ्र ब्यावर
डेवलोपमेण्ट ऑथोरिटी यथाशीघ्र खोला जाना चाहिए ताकि ब्यावर का सघन और समग्र
विकास सुनिश्चित हो सके।
तीसराः चूँकि ब्यावर में 20 साल का मास्टर प्लान सन् 2012 से अमल में 20
साल के स्पान में चालू किया गया जिसको करीब 13 साल बीच चुके है और अब मात्र
7 साल बाकी बचे है। अब चूंकि ब्यावर अगस्त 2023 से जिला बना दिया गया है।
जिसका विस्तार 42 (बयालिस) किलोमीटर की परिधि में किया जा रहा है। चूंकि अब
ब्यावर जिले की सीमा 42 किलोमीटर है। अब ब्यावर जिला में पाँच विधानसभाओं
का क्षेत्र सम्मिलित है। ऐसी स्थिति में अब ब्यावर संसदीय क्षेत्र के
मानदण्ड पूरे कर रहा है। ऐसी सूरत में ब्यावर संसदीय क्षेत्र का परिसिमन कर
ब्यावर संसदीय क्षेत्र घोषित किया जाकर ब्यावर संसद सदस्य के लिए चुनाव
सुनिश्चित किया जाए।
लेखक वासुदेव मंगल ब्यावर का जागरूक नागरिक होने के साथ सीनियर सिटीजन,
सोशल एक्टिविस्ट, स्वतन्त्र लेखक एवं इतिहासविज्ञ है। अतः दोनो राज्य व
केन्द्र सरकार को ब्यावर शहर और जिले की विशेषताओं से अवगत कराते हुए अपील
करता है कि सरकार की क्षेत्र विकास पालिसी के अन्तर्गत ब्यावर जिले का
विकास सुनिश्चित शीघ्रताशीध्र करे। ब्यावर में प्राकृतिक पदार्थों का खजाना
हैं। खनिज पदार्थों से परिपूर्ण भूगर्भ है पहाड़ियाँ हैं एवं जंगल (वन) है
जहाँ किमती पदार्थ अकूत मात्रा में दबे भरे पडे़ है। आवश्यकता है।
वैज्ञानिक तरीके से दोहन करके राजस्व अर्जन कर जिले का विकास करें।
08.10.2025 |